स्त्री - पुरुष , एक दूसरे के पूरक हैं या प्रतिद्वंदी । यह एक ऐसा प्रश्न या गम्भीर विषय है - जिसका उत्तर हर एक की परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कहीँ यह समानता के रूप में , कहीँ पूरक तो कहीं प्रतिद्वंदी के रूप में देखने को मिलता है । यदि हम पीछे देखें तो पाते हैं सृष्टि में सबसे पहले आदम और हब्बा आए । कैसे आए , कहाँ से आए , यह अनुत्तरित ही है। खैर ! उस समय दोनों ने एक दूसरे की आवश्यक्ता को समझा और सहयोगी बनकर संतति को आगे बढ़ाया । तब दोनों में एक - दूसरे के लिए पूरक का भाव ही था जो आगे भी सामाजिक व्यवस्था के तहत सहजता और आपसी समन्वय से चलता रहा ।
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